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खुद से लड़ने निकल चुका हूँ, खुद को अपना बनाने निकल चूका हूं, ना मंजिल पता और न रास्ता पता, दुनिया को जान ने और भरोसा करके निकल चूका हूँ, सपनों को सच करने निकल चूका हूँ, अपने खुद के डर से लड़ने निकल चूका हूँ, खुद को खुद में ढूंढ़ने निकल चूका हूँ, सही हूँ या गलत बिना सोचे समझे निकल चूका हूँ, अपने से प्यार करता हूँ या नफरत, ये सोचे समझे बिना अकेले निकल चूका हूं, देश है मेरा मिटटी है मेरी उसमें, खुद को ढूंढ़ने निकल चूका हूँ, मैं गोरा हूँ या काला सबमें अपना रंग ढूंढने निकल चुका हूँ, मिट्टी नहीं है ये स्वर्ग है, इस स्वर्ग में जीने निकल चूका हूँ, देश वालो कुछ तो होगा न इस मिटटी में, इसमे अपने आपको मिलाने निकल चूका हूँ, मिट्टी नहीं है ये स्वर्ग है, इस स्वर्ग में जीने निकल चूका हूँ, देश वालो कुछ तो होगा न इस मिटटी में, इसमे अपने आपको भुनाने निकल चूका हूँ। All over I just wanna say I've gone to explore the love & hatred, truths & lies, to explore the heaven lies in the beautiful soil of my country.... ¶An Incredible India¶ . . #taruvello #travelwithtaruvello #indiaexpedition2018 #intro